"उसने कहा था" चंद्रधर शर्मा गुलेरी की एक प्रसिद्ध कहानी है, जो प्रेम, निष्ठा, और मानवीय भावनाओं को लेकर गहरी सोच को उजागर करती है।
कहानी का केंद्र बिंदु एक युवक और एक युवती के बीच का प्रेम संबंध है। युवक अपनी प्रेमिका से मिलने के बाद उससे यह वादा करता है कि वह उसे कभी धोखा नहीं देगा। लड़की भी युवक से बहुत प्रेम करती है, लेकिन परिस्थितियों के कारण वह युवक से अलग हो जाती है।
कहानी में कई वर्षों बाद युवक को एक पत्र मिलता है, जिसमें युवती ने लिखा होता है कि "उसने कहा था" (यानी वह वादा किया था कि वह कभी धोखा नहीं देगा)। यह पत्र उसे यह अहसास दिलाता है कि वह अपनी प्रेमिका के विश्वास को निभाने में असफल हो गया है।
कहानी में यह दर्शाया गया है कि प्रेम के संबंध केवल भावनाओं तक सीमित नहीं होते, बल्कि विश्वास और निष्ठा की भी अहमियत होती है। इस कृति के माध्यम से गुलेरी ने यह बताया कि प्रेम के रिश्ते में अगर विश्वास और वचन की अहमियत न हो, तो वह रिश्ते अधिक समय तक नहीं टिक सकते।
यह कहानी न केवल प्रेम को, बल्कि इंसान की संवेदनाओं और आदर्शों को भी समझाने का प्रयास करती है।